Tuesday, April 16, 2019

मुश्किल हालात में कार्तिक मैच फिनिश करते हैं, इसी वजह से पंत की जगह चुने गए- चयनकर्ता

मुंबई. बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने ऋषभ पंत (22) की जगह दिनेश कार्तिक (33) को विकेटकीपर के रूप में तवज्जो दिए जाने की वजह बताई। प्रसाद ने कहा कि हम सभी इस पर एकराय थे कि अगर माही (महेंद्र सिंह धोनी) चोटिल होते हैं, तभी पंत या कार्तिक टीम में आएंगे। उन्होंने कहा कि अहम मैच में विकेटकीपिंग मायने रखती है और यही वजह थी कि हमने कार्तिक को चुना। हालांकि, पंत को ना चुने जाने पर सुनील गावस्कर ने हैरानी जताई और उन्होंने कहा कि बाएं हाथ के इस बल्लेबाज की मौजूदा फॉर्म शानदार है।

कार्तिक की विकेटकीपिंग स्किल काम आईं- प्रसाद
15 सदस्यीय टीम का ऐलान करते वक्त एमएसके प्रसाद ने कहा कि चयन में आईपीएल के प्रदर्शन को तवज्जो नहीं दी गई है। पंत के बारे में उन्होंने कहा- दिनेश कार्तिक वर्ल्डकप में सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं हो जाएंगे। उन्हें तभी मौका मिलेगा जब धोनी चोटिल होंगे। विकेटकीपिंग स्किल और दबाव झेलने की क्षमता को ध्यान में रखते हुए पंत की जगह कार्तिक को चुना गया।

उन्होंने कहा- पंत के पास बहुत काबिलियत है। उनके पास अभी वक्त भी बहुत है। यह केवल दुर्भाग्य ही है कि वह टीम में नहीं आ पाए। दबाव में हमने दिनेश कार्तिक को मैच खत्म करते हुए देखा है और यही उनके पक्ष में गया।

केवल 9 वनडे खेलने वाले विजय शंकर (26) के चयन पर उन्होंने कहा- तमिलनाडु का यह ऑलराउंडर टीम को तिहरा योगदान देगा। वह बल्लेबाजी कर सकता है। अगर बारिश जैसे हालत रहे तो वह बॉलिंग कर सकता है और इसके अलावा वह अच्छा फील्डर है।

नंबर 4 की पोजिशन के लिए बहुत सारे विकल्प- प्रसाद
"हम नंबर 4 बल्लेबाज के लिए विजय शंकर की तरफ देख रहे हैं। अब हमारे पास इस स्थान के लिए बहुत सारे विकल्प हैं। चैंपियंस ट्राफी के बाद हमने कार्तिक, श्रेयस अय्यर, मनीष पांडे को मौका दिया। हमने अंबाती रायुडू को भी मौका दिया।"

"केएल राहुल को रिजर्व ओपनर के तौर पर टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा अगर मैनेजमेंट को जरूरत हुई तो राहुल मिडल ऑर्डर में भी बल्लेबाजी कर सकते हैं।"

टॉप 6 में बाएं हाथ का विकल्प देते हैं पंत- गावस्कर
पंत को शामिल ना करने के फैसले पर गावस्कर ने हैरानी जताई, लेिकन कार्तिक को बेहतर विकेट कीपर बताते हुए उनका समर्थन भी किया। गावस्कर ने कहा- पंत ना केवल आईपीएल, बल्कि इससे पहले भी शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। पंत टॉप सिक्स में बाएं हाथ के बल्लेबाज का विकल्प देते हैं, जो गेंदबाजों के खिलाफ बहुत फायदेमंद होता है। उनके लिए फील्डिंग बार-बार बदलनी पड़ती है और गेंदबाजों को अपनी लाइन बदलनी होती है।

वनडे और टेस्ट क्रिकेट के विपरीत एक अकेला खिलाड़ी टी-20 में अपने प्रदर्शन से अधिक प्रभाव डालता है। यहां बात सिर्फ रन बनाने या विकेट लेने की नहीं है, बल्कि विपक्षी टीमें भी इसी के हिसाब से अपनी रणनीति बनाने लगती हैं। ये दोनों ही तथ्य हमें इस सप्ताह खेले गए मुकाबलों में देखने को मिले। सीएसके के खिलाफ केकेआर एक समय 180 से ज्यादा रन बनाने की ओर बढ़ रही थी। शायद यह स्कोर जीत के लिए काफी रहता। मगर अंतिम ओवरों में केकेआर का आक्रमण पूरी तरह आंद्रे रसेल पर निर्भर है। बेशक टीम के पास और भी कई अच्छे खिलाड़ी हैं, लेकिन रसेल पर निर्भरता ने टीम को प्रभावित किया।

ऐसा ही हैदराबाद में राशिद के साथ देखने को मिला। बेशक वो उतने ही विकेट नहीं ले सके हैं, जितने कि अक्सर लिया करते थे। हालांकि उनका इकॉनोमी रेट बेहतरीन है। मतलब साफ है कि विपक्षी टीमें जानती हैं कि राशिद के ओवरों में छह रन प्रति ओवर के हिसाब से रन बनाना घाटे का सौदा नहीं है। बल्कि अगर वे उनकी गेंदों पर आक्रमण करने की कोशिश करेंगे तो यह राशिद के हाथों में खेलने जैसा होगा। हैदराबाद राशिद के 22 रन देकर बिना कोई विकेट के बजाय 35 रन देकर 3 विकेट जैसे प्रदर्शन से अधिक खुश होगी।

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