Wednesday, March 6, 2019

लोकसभा चुनाव के लिए EVM से जुड़ी तैयारी पूरी: चुनाव आयोग

आम चुनावों की तारीख घोषित किए जाने में देरी को लेकर विपक्ष के आरोप के बीच निर्वाचन आयोग ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के लिए ईवीएम से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ईवीएम-वीवीपीएटी पर सभी राज्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं. आयोग ने बुधवार को कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए ईवीएम से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 98 प्रतिशत मशीनों की पहले स्तर की चेकिंग पूरी कर ली गई है.

निर्वाचन आयोग ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर ईवीएम से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. 98 प्रतिशत ईवीएम की फ़र्स्ट लेवल चेकिंग पूरी हो गई है. चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश में ईवीएम-वीवीपीएटी की जांच के लिए 4 तरह की स्थितियों का जिक्र किया गया है. चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी.

इससे पहले लोकसभा चुनाव को लेकर जम्मू कश्मीर की स्थिति का जायजा लेने के लिए मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने राजनीतिक नेताओं और वरिष्ठ पुलिस और जिला अधिकारियों से मुलाकात की थी. इस दौरान आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने चुनाव नतीजों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को जिम्मेदार बताए जाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने ईवीएम मशीन को फुटबॉल बनाकर रख दिया है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अभी कुछ महीने पहले कर्नाटक के अलावा पांच अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव हुए. जहां हर जगह अलग-अलग नतीजे देखने को मिले. मैं यह कहने के लिए क्षमा मांगता हूं कि ईवीएम को राजनीतिक दलों नें फुटबॉल बना कर रख दिया है. अगर रिजल्ट एक्स आता है तो EVM अच्छा है और अगर वाई आता है तो बुरा बता दिया जाता है.

बता दें कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने गत सोमवार को लोकसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा में देरी को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा था. उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को वह 'लाभ उठाने' का लंबा समय दे रहा है. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य ने ट्वीट किया, क्या निर्वाचन आयोग प्रधानमंत्री के 'आधिकारिक' यात्रा कार्यक्रमों के आम चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले समापन होने का इंतजार कर रहा है? पटेल ने ट्वीट किया, राजनीतिक रैलियों, टीवी/रेडियो और अखबारों में बेशुमार राजनीतिक विज्ञापनों के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग गलत है. ऐसा लग रहा है कि निर्वाचन आयोग सरकार को जनता के धन का उपयोग कर अंतिम क्षण तक प्रचार करने का लंबा अवसर दे रहा है.

राफेल मामले में पुनर्विचार याचिका दायर करने वाले आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. सुनवाई के दौरान जब उनके वकील दलील देने के लिए खड़े हुए तो चीफ जस्टिस ने कहा कि हम संजय सिंह को नहीं सुनेंगे उन्होंने कुछ ऐसी टिप्पणियां की हैं जो ठीक नहीं हैं. चीफ जस्टिस ने संजय सिंह को कोर्ट की अवमानना के मामले में पेश होने को कहा है.

बीते साल 13 दिसंबर, 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे में फैसला सुनाया था और कहा था कि इस सौदे में किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है. हालांकि, तब कुछ लोगों ने सवाल उठाया था कि केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने सही कागजात पेश नहीं किए इसलिए फैसले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.

फैसला आने के फौरन बाद केंद्र सरकार ने संशोधन याचिका दाखिल की थी.  इसके बाद प्रशांत भूषण ने याचिका दाखिल कर मांग की कि सरकार के दिए नोट में अदालत को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. 26 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि राफेल मामले को लेकर दिए अपने फैसले पर खुली अदालत में फिर से विचार होगा.

आपको बता दें कि वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण, बीजेपी के बागी नेता यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह और वकील एम एल शर्मा ने पुनर्विचार याचिका में अदालत से राफेल आदेश की समीक्षा करने के लिए अपील की है.

अपील में कहा गया कि सरकार ने राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए निर्णय लेने की सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया है. मोदी सरकार ने 3 P यानी के चुनाव में गफलत बनाए रखी और अनुचित लाभ लिया है.

वहीं, केंद्र सरकार की अपील में कहा गया है कि कोर्ट अपने फैसले में उस टिप्पणी में सुधार करे जिसमें CAG रिपोर्ट संसद के सामने रखने का ज़िक्र है. केंद्र का कहना है कि कोर्ट ने सरकारी नोट की गलत व्याख्या की है.

प्रशांत भूषण की एक याचिका जो सरकार द्वारा गए नोट में अदालत को गुमराह करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती है. इसमें लिखा गया कि ने राफेल पर संसद को अपनी रिपोर्ट सौंपी.

आपको बता दें कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरते रहे हैं. राहुल ने इस मुद्दे पर कई बार प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि पीएम मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाने के लिए राफेल डील में गड़बड़ी की है.

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