दिल्ली पुलिस ने 10 दिसम्बर को द्वारका में हुए एक महिला के कत्ल के मामले में संदीप मेंटल गैंग के शार्प शूटर को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक 10 दिसम्बर की सुबह दस बजे कपिल मलिक, उसके एक दोस्त और एक नाबालिग ने घर में घुस कर कमलेश नाम की एक महिला को 6 गोलियां मारी थी. कमलेश की मौके पर ही मौत हो गई थी. कमलेश पर उसी के पति का कत्ल का आरोप है. इस केस में कमलेश 3 साल तक जेल में रहकर आई थी.
कमलेश की हत्या के सभी आरोपी संदीप मेंटल गैंग के शार्प शूटर बताए जा रहे हैं. संदीप मेंटल और उसके दोस्त पवन की हत्या 2 मई को नजफगढ़ इलाके में कर दी गई थी. उसके बाद से संदीप मेंटल गैंग को उसका भाई सोनू चला रहा था. पुलिस का कहना है कि संदीप मेंटल के भाई सोनू को शक था कि राजीव नाम के शख्स ने संदीप मेंटल की हत्या करवाई है और उसे इसके लिए कमलेश ने ही उकसाया था.
इसके बाद से ही सेंदीप मेंटल के शूटर कमलेश की हत्या करने की फिराक में लगे थे. पुलिस को इस मामले में अभी संदीप के भाई और एक दूसरे शूटर की तलाश है. 8 महीने में हुए इन तीन कत्ल के पीछे 8 फ्लैट बताए जा रहे हैं, जो कभी संदीप मेंटल ने बनवाए थे. इन्हीं पर कब्जे को लेकर पहले संदीप और पवन की हत्या हुई और फिर कमलेश की. पुलिस का कहना है कि वो इस केस से जुड़े सभी लोगों की तलाश में कर रही है ताकि इस गैंगवार को रोका जा सके.
पीड़िता मंजू के मुताबिक वह 14 दिसंबर को रानी बाग पुलिस थाने में गई लेकिन पुलिस ने उसकी कुछ भी नहीं सुनी. उलटा डांटते-फटकारते रहे. पुलिस ने महिला को ही गलत बताया और पैसे के लिए ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया. पीड़िता के मुताबिक पुलिस ने आरोपियों की ऊंची पकड़ की भी बात की और चुप रहने को कहा.
महीनों तक बलात्कार झेलती रही मंजू के मुताबिक, 'तुलसी और अनिल गुप्ता को पुलिस ने थाने में बुलाया और उनसे अलग से पहले बात की. उसके बाद पुलिस ने मेरे पास आकर कहा कि 50 हजार तुलसी से और 60 हजार अनिल गुप्ता से दिलाते हैं और पुलिस ने एक कागज पर जबरदस्ती बोल-बोलकर मुझसे लिखवाया कि अनिल गुप्ता और तुलसी ने मेरे साथ कोई गलत काम नहीं किया और मैं यह पत्र अपनी मर्जी से लिख रही हूं. मुझ पर दबाव डाला कि यह लिखो और साईन करो. फिर मेरे से पुलिस ने साईन करवाए और मेरे ससुर को साइन करने के लिए बुलाया तो उन्होंने समझौता पत्र पढ़कर मना कर दिया. ससुर के मना करने पर पुलिस ने उनको गाली देते हुए भगा दिया और कहा कि तेरे खिलाफ उलटा मुकदमा दर्ज करते हैं. ससुर को वहां से भगाने के बाद पुलिस ने मुझे कमरे में बंद कर कहा कि अपने ससुर का भी हस्ताक्षर कर, नहीं तो तुझे भी अभी ठीक करते हैं.'
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